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जिला परिषद की समस्या



अटका, बगोदर :- अटका में दो पक्ष में चुनाव होता है पहला पूर्वी, दूसरा पश्चिमी दोनों पक्षों में अलग-अलग उम्मीदवार खड़ा होती है. (मुखिया, सरपंच, वार्ड )
चुनाव या निर्वाचन, लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है जिसके द्वारा जनता (लोग) अपने प्रतिनिधियों को चुनती है। चुनाव के द्वारा ही आधुनिक लोकतंत्रों के लोग विधायिक,मुखिया वार्ड मेंबर पंचायत समिति और जिला परिषद के विभिन्न पदों पर आसीन होने के लिये व्यक्तियों को चुनते हैं। चुनाव के द्वारा ही क्षेत्रीय एवं ग्रामीण इलाकों स्थानीय निकायों के लिये भी व्यक्तियों का चुनाव होता है.

जिला परिषद की समस्या
पंचायती राज की सबसे उपरी संस्था जिला परिषद है। जिला परिषद ग्राम पंचायतों एवं पंचायत समितियों का मूलत: नीति निर्धारण एवं मार्गदर्शन का काम करती है। 

ग्राम पंचायत एवं पंचायत समिति की तरह ही जिला परिषद का कार्यकाल भी इसकी पहली बैठक से पांच वर्ष का होता है।
हर जीत की समस्या
शत्रुघ्न मंडल और दुर्गेश्वर का टक्कर थी जिसमें से दुर्गेश्वर का जीत हो गई हैं. शत्रुघ्न मंडल काउंटिंग होने पर संतुष्ट नहीं थे, काउंटिंग होने पर जनता (लोग) भी संतुष्ट नहीं थी और पुनर्गणना मांग कर रही थी.

पुनर्गणना नहीं होने पर जनता पुनर्गणना की मांग को लेकर सड़क पर बैठ गए थे इसके कारण से सभी गाड़ी जाही पर वहीं रुक गई और आने जाने के लिए गाड़ियों की समस्या हो रही थी.

जनता नहीं मानने पर पुलिस ने लाठी चार्ज किया और हवा में फायरिंग किया गया.भाग दौड़ में कुछ लोग की चोट भी आई हुई है.

 घुसकर पिटना
जहां तक लाठी चार्ज, हवा में फायरिंग और सड़क से साइड करना वहां तक ठीक थी लेकिन रात में घर घुसकर पिटना, तोड़ -फोड़ करना, चोरी करना, कौन सा ऐसा नियम कानून है.और 1:00 या 2:00 बजे रात को घर घोषणा महिलाओं को गाली देना और पकड़ कर ले जाना.

कानून का नियम
 1. कोई भी महिला पूछताछ के लिए पुलिस स्टेशन जाने से इनकार कर सकती हैं। अपराध प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 160 के तहत महिलाओं को पुलिस स्टेशन में पूछताछ के लिए नहीं बुलाया जा सकता। इसके तहत महिला कांस्टेबल या महिला के परिवार के किसी सदस्य की उपस्थिति में घर पर ही पूछताछ की जा सकती है।

2. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक किसी भी महिला को सूरज ढलने के बाद और सूर्योदय से पहले गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। 

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